Thursday, April 12, 2018

प्रार्थना

प्रार्थना समर्पण है माँग नही
जहाँ माँग है वहाँ खोखला पन है
"चाहना" तो कामना का रूपान्तरण है
कामना भीतर और बाहर का द्वन्द्व है
प्रार्थना मन की मौन अभिव्यक्ति है

प्रार्थना शरीर का नहीं "मैं" का विसर्जन है
केवल शब्दों का समूह भी प्रार्थना नहीं है
शब्दों पर पवित्र भावों का आरोहण है
केवल जिह्वा का नहीं हृदय का उच्चारण है
प्रार्थना अनुनय का पर्याय नहीं है

रामनारायण सोनी

डॉ मुरलीधर चाँदनी वाला

आलोचक का नाम - रामनारायण सोनी साहित्यिक परिप्रेक्ष्य (Literary Perspective) सांस्कृतिक परिधियाँ (Cultural Peripheries) केंद्र बनाम परिधि (Ce...