Tuesday, May 30, 2017

बीज में वृक्ष होना एक संभावना है

क्या तुम दो दो कदम भर कर चलते हो? मैं तो पूरी यात्रा एक एक कदम चल कर ही तय करता हूँ।
एक काम होता है वह तुम नहीं करते क्योंकि वह तो होता है। अगर तुम करते हो तो उसे होना नहीं, करना कहते हैं, कर्म कहते हैं।

बीज में वृक्ष होना एक संभावना है जरूरी नहीं कि वह वृक्ष हो ही जाए। इस संभावना का घटित होना एक निश्चित प्रक्रिया का परिणाम है। क्रिया की सिद्धि के बिना बीज से वृक्ष होने की कल्पना व्यर्थ है।

जुगनू के टिमटिमाती चमक में कुछ पढ़ नहीं पाओगे इसके लिये प्रकाश को जरुरत होगी।

सपना देखना नींद में होता है पर तुम्हारी पर पसन्द का हो ही नहीं सकता। जो देखते हो सेंट परसेंट सच लगता है पर नींद टूटते ही एक दम झूँठा। होश में कुछ देखते हो तो जस का तस समझते हो सच-सच और बेहोशी में देखते हो वह सच तुम्हारे भीतर उतरने के पहले बदल जाता है और तुम्हें या तो लगता है कि तुमने कुछ देखा ही नहीं और तुम एक सच से से अनभिज्ञ रह जाते हो। सपने में जो देखा झूँठ था और बेहोशी में सच देखा वह तुम्हारे क्या काम का यह भी झूँठ का ही एक प्रकार है। इसलिए पूर्ण तया जागते हुए ही तुम सत्य देख सकते हो।

अगर तुम शीर्षासन कर रहे हो तो तुम्हें यह लगेगा कि दुनिया उल्टी हो गई है, तालाब के किनारे तो यह भी लगने लगेगा कि तालाब का पानी अब गिरने ही वाला है।

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